नई दिल्ली: नई दिल्ली। विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों ने अगस्त 2026 में भारतीय शेयर बाजार में अब तक 23,544 करोड़ रुपये का निवेश किया है। जुलाई में 20,200 करोड़ रुपये के निवेश के बाद खरीदारी की गति और तेज हुई है। यह बदलाव लगातार चार महीने की भारी बिकवाली के बाद आया है।
चार महीने की निकासी के बाद वापसी
उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, विदेशी निवेशकों ने जून में 49,340 करोड़ रुपये, मई में 32,963 करोड़ रुपये, अप्रैल में 60,847 करोड़ रुपये और मार्च में लगभग 1.17 लाख करोड़ रुपये भारतीय शेयरों से निकाले थे। फरवरी में 22,615 करोड़ रुपये का निवेश हुआ था।
लगातार दो महीनों की सकारात्मक खरीदारी बाजार के लिए राहत का संकेत है। हालांकि पूरे वर्ष की तस्वीर अभी भी नकारात्मक है। वर्ष 2026 में विदेशी निवेशक अब तक भारतीय शेयरों से लगभग 2.3 लाख करोड़ रुपये निकाल चुके हैं। यह 2025 के पूरे वर्ष में दर्ज लगभग 1.7 लाख करोड़ रुपये की निकासी से अधिक है।
किन कारणों से लौटा निवेश
बाजार विशेषज्ञों के अनुसार, कंपनियों के पहली तिमाही के नतीजों में आय वृद्धि के संकेत, रुपये की तुलनात्मक स्थिरता और व्यापक बाजार की विकास संभावनाओं ने विदेशी निवेशकों का भरोसा बढ़ाया है। वैश्विक स्तर पर तकनीकी और चिप शेयरों से पूंजी का कुछ हिस्सा निकलना भी भारत जैसे बाजारों के लिए सहायक माना जा रहा है।
निवेशकों के लिए क्या संकेत
विदेशी निवेश प्रवाह शेयर बाजार की दिशा को प्रभावित करने वाले कई कारकों में से एक है। घरेलू संस्थागत निवेश, कंपनियों की आय, ब्याज दरें, कच्चे तेल की कीमतें, मुद्रा की चाल और वैश्विक जोखिम भी बाजार पर असर डालते हैं।
अगस्त की खरीदारी सकारात्मक संकेत जरूर है, लेकिन पूरे वर्ष की बड़ी निकासी को देखते हुए इसे स्थायी रुझान मानने से पहले आने वाले महीनों के आंकड़ों पर नजर रखना आवश्यक होगा।



