गुरुग्राम के सेक्टर-90 स्थित सफायर 90 मॉल में पुलिस और हरियाणा राज्य महिला आयोग की संयुक्त टीम ने एक बड़े छापेमारी अभियान में 18 स्पा सेंटरों की जांच की। यह छापेमारी रात 10 बजे शुरू होकर सुबह तीन बजे तक जारी रही। इस कार्रवाई में लगभग 100 पुलिसकर्मी शामिल थे, जिनमें 20 से अधिक इंस्पेक्टर और सब-इंस्पेक्टर भी थे। यह ऑपरेशन हरियाणा पुलिस की ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति के तहत गैर-कानूनी गतिविधियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई का हिस्सा बताया गया है।
छापेमारी के दौरान 8 स्पा सेंटरों में प्रथम दृष्टया संदिग्ध गैर-कानूनी गतिविधियों के सबूत मिले हैं। इस दौरान लगभग 30 महिलाएं और 20 पुरुष मौके पर मौजूद पाए गए। पुलिस ने इलेक्ट्रॉनिक, डिजिटल और दस्तावेजी सबूत भी जब्त किए हैं। इस मामले में स्पा सेंटरों के मालिकों, संचालकों और मैनेजरों की भूमिका की भी जांच जारी है।
ऑपरेशन की निगरानी ACP मुख्यालय-I अभिलक्ष जोशी ने की, और हरियाणा राज्य महिला आयोग की चेयरपर्सन उषा प्रियदर्शिनी भी मौके पर टीम के साथ उपस्थित रहीं। पुलिस ने बताया कि यह कार्रवाई वैध व्यवसाय की आड़ में छिपी गैर-कानूनी गतिविधियों को रोकने के लिए की गई है।
इस पूरे मामले में सवाल उठ रहे हैं कि कैसे सेक्टर-90 के इस बड़े मॉल में इतने स्पा सेंटरों की गतिविधियां अब तक प्रशासन और जांच एजेंसियों की निगरानी से बची रहीं। इससे यह भी पता चलता है कि ऐसे संस्थानों पर नियमित जांच और निगरानी कितनी आवश्यक है ताकि कोई भी अवैध कार्य मॉल के भीतर नहीं छिप सके।
गुरुग्राम पुलिस की इस तत्परता से उम्मीद जताई जा रही है कि ऐसे गैरकानूनी धंधों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी और शहर में सुरक्षा और व्यवस्था में सुधार होगा। पुलिस की इस छापेमारी ने यह स्पष्ट कर दिया है कि किसी भी अवैध व्यापार को अनदेखा नहीं किया जाएगा, खासकर उन जगहों पर जहां महिला आयोग जैसी संस्थाएं भी साथ में जांच कर रही हैं।
यह मामला गुरुग्राम में कानून व्यवस्था और सुरक्षा की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है, जो शहर और आसपास के इलाकों में आने वाली महिलाओं और पुरुषों के लिए बेहतर और सुरक्षित माहौल बनाने में मदद कर सकेगा।





