प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन के अवसर पर छत्तीसगढ़ में एक विशेष कार्यक्रम "आशीर्वाद का दिया" का आयोजन किया गया, जिसमें 1.5 करोड़ से अधिक दीयों को जलाकर एक नया विश्व रिकॉर्ड कायम किया गया। इस प्रयास को गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स में दर्ज किया गया है, जिससे यह भारतीय इतिहास में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि बन गई है।
यह आयोजन प्रधानमंत्री मोदी के प्रति सम्मान और आभार व्यक्त करने के लिए आयोजित किया गया था। इस कार्यक्रम में राज्य के अनेकों कार्यकर्ता और नागरिकों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया, तथा दीयों की रोशनी से पूरे इलाके को जगमगा दिया गया।
इससे पहले उज्जैन में भी प्रधानमंत्री के जन्मदिन पर 33.27 लाख दीयों को एकत्रित कर जलाया गया था, जो एक बड़ा राष्ट्रीय उत्सव माना गया था, लेकिन छत्तीसगढ़ में इस रिकॉर्ड को काफी बढ़ा दिया गया है।
इस कार्यक्रम का उद्देश्य न केवल प्रधानमंत्री मोदी के प्रति सम्मान दिखाना था, बल्कि सामाजिक और सांस्कृतिक समरसता को भी बढ़ावा देना था। आयोजकों ने बताया कि इस तरह के आयोजन से लोगों में एकता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।
विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह के सामाजिक आयोजनों से न केवल स्थानीय लोगों में राष्ट्रीय भावना जागृत होती है, बल्कि पर्यावरण के प्रति भी जागरूकता बढ़ाई जा सकती है, यदि दीयों को पर्यावरण अनुकूल सामग्री से बनाया जाए।
सरकार और संबंधित संस्थान इस उपलब्धि को भविष्य में और बड़ी परियोजनाओं के लिए प्रोत्साहन के रूप में देख रहे हैं। आगामी वर्षों में इस तरह की गतिविधियों को और अधिक बढ़ावा देने के लिए योजना बन रही है।
यह रिकॉर्ड प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन को और भी विशेष बनाता है और छत्तीसगढ़ राज्य की सांस्कृतिक एवं सामाजिक प्रतिबद्धता को दर्शाता है।


