दिल्ली के शालीमार बाग क्षेत्र में 23 सितंबर की देर रात मैक्स हॉस्पिटल रोड (रोड नंबर 320) पर एक बड़े बुलडोजर कार्रवाई का आयोजन किया गया। यह कार्रवाई सड़क चौड़ीकरण परियोजना के तहत की गई, जिसमें इस सड़क के किनारे बनाए गए अतिक्रमणों को हटाया गया। महत्त्वपूर्ण रूप से, मदीना मस्जिद के एक हिस्से को भी इस कार्रवाई में गिराया गया, जिससे स्थानीय लोगों एवं मस्जिद प्रबंधन में असंतोष और विवाद उत्पन्न हो गया।
कार्रवाई के दौरान बड़ी संख्या में पुलिसकर्मी तैनात किए गए थे ताकि कार्यवाही शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हो सके। हालांकि इस कार्रवाई को लेकर स्थानीय लोग और मदीना मस्जिद के प्रबंधन ने प्रक्रिया और समय पर सवाल उठाए। इसी बीच, AIMIM के दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष शोएब जमाई भी रात में现场 पहुंचे और इस बुलडोजर कार्रवाई को असंवैधानिक बताते हुए इसका विरोध किया। उन्होंने प्रशासन के इस कदम पर वैधता के सवाल खड़े किए, हालांकि प्रशासन की ओर से इस सड़क चौड़ीकरण के लिए कानूनी आदेश और मंजूरिया पहले से ही मौजूद है।
दिल्ली उच्च न्यायालय ने अप्रैल 2026 में रोड नंबर 320 के चौड़ीकरण को एक महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचा परियोजना के रूप में मान्यता दी थी। उच्च न्यायालय के अनुसार, सड़क संकरी होने के कारण एंबुलेंस, फायर ब्रिगेड वाहन, स्कूल बसों और सामान्य यातायात की आवाजाही प्रभावित होती है, इसलिए इसे चौड़ा करना आवश्यक है। इस निर्णय के आधार पर ही सड़क विस्तार की मंजूरी दी गई है।
शालीमार बाग क्षेत्र में मुनाक नहर के कायाकल्प के साथ आसपास के यातायात ढांचे को बेहतर बनाने के लिए योजनाएं भी अधर में हैं। दिल्ली सरकार ने लगभग ₹5,000 करोड़ की एक एलिवेटेड रोड परियोजना की घोषणा की है, जिसे मुनाक नहर कॉरिडोर के आसपास विकसित किया जाएगा। इसके अतिरिक्त सितंबर 2026 में नहर क्षेत्र के पुनर्विकास के लिए ₹42.03 करोड़ का बजट घोषित किया गया है। यह दोनों परियोजनाएं एक-दूसरे से भिन्न हैं, इसलिए इनके लिए अलग-अलग वित्तीय प्रबंधन किया जा रहा है।
इस पूरे घटनाक्रम से यह स्पष्ट होता है कि शालीमार बाग में सड़क चौड़ीकरण का उद्देश्य क्षेत्र की सड़क सुरक्षा और यातायात सुगमता को बढ़ाना है। हालांकि, अतिक्रमण हटाने की प्रक्रिया में धार्मिक स्थल सहित कुछ संवेदनशील स्थानों की भी छूआछूत हुई, जिससे विरोध और विवाद उत्पन्न हो गए। प्रशासन ने कानून के अनुसार निर्णय लिया है, मगर इस कार्रवाई के असंवैधानिक होने के दावों को भी वर्गीय राजनीतिक दृष्टि से देखा जा रहा है।
अतः शालीमार बाग में हुई यह बुलडोजर कार्रवाई एक बड़ी सड़क और यातायात सुधार परियोजना का हिस्सा है, जिसका मकसद क्षेत्र में बुनियादी ढांचे को बेहतर बनाना है, जबकि इस प्रक्रिया में स्थानीय संवेदनशीलता एवं विरोध को भी उचित महत्व देना आवश्यक होगा।





