रेवाड़ी में भ्रूण लिंग जांच के अवैध कारोबार का पर्दाफाश हुआ है। स्वास्थ्य विभाग और रेवाड़ी पुलिस की संयुक्त टीम ने दो दलालों को गिरफ्तार किया है जो सोनीपत से एक गर्भवती महिला को गलत ढंग से भ्रूण लिंग जांच के लिए रेवाड़ी लेकर आए थे। इस गिरफ्तारी में पानीपत और सोनीपत की टीमें भी शामिल रहीं।
सूत्रों के अनुसार, दलालों ने 65 हजार रुपये की राशि तय कर महिला की भ्रूण लिंग जांच के लिए रेवाड़ी बुलाया था। इस मामले का भंडाफोड़ करने के लिए स्वास्थ्य विभाग की टीम ने एक महिला को नकली गर्भवती बनाकर दलालों के पास भेजा। दलालों ने रेवाड़ी नागरिक अस्पताल में इस महिला से 65 हजार रुपये ले लिए। इसके बाद धारूहेड़ा चुंगी के पास स्थित एक निजी अस्पताल में अल्ट्रासाउंड के लिए रेफरल स्लिप बनवाई गई।
फिर नकली गर्भवती महिला को मॉडल टाउन स्थित एक अल्ट्रासाउंड सेंटर पर जांच के लिए ले जाया गया। इस बीच पानीपत, सोनीपत व रेवाड़ी की टीमें दलालों का पीछा कर रही थीं। जांच केंद्र पर पहुंचते-पहुंजते ही दलालों को पुलिस की कार्रवाई का संदेह हो गया और वे महिला को लेकर वहां से फरार हो गए। लेकिन रेवाड़ी पुलिस की सतर्कता के चलते सोनीपत से पीछा कर रहे राहुल और रामनिवास नामक दोनों दलालों को गिरफ्तार कर लिया गया।
पुलिस की पूछताछ में इस अवैध गतिविधि से जुड़ी कई और जानकारियां मिलने की उम्मीद है। जांच की जाएगी कि निजी अस्पताल और अल्ट्रासाउंड सेंटर की इस मामले में क्या भूमिका है। साथ ही यह पता लगाया जाएगा कि सोनीपत से महिला को रेवाड़ी क्यों बुलाया गया और क्या जिले के किसी अल्ट्रासाउंड सेंटर पर भ्रूण लिंग जांच का अवैध कारोबार चल रहा था।
पीसी-पीएनडीटी के नोडल अधिकारी डॉ. विद्यासागर ने बताया कि पूरे मामले के सभी पहलुओं की गहनता से जांच की जाएगी और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। यह कार्रवाई भ्रूण लिंग निर्धारण को नियंत्रित करने वाली सरकारी योजनाओं के तहत हुई है, जो इस गैरकानूनी गतिविधि को रोकने के लिए अहम है।





