रोहतक के दिल्ली रोड पर स्थित यासीन नर्सरी में बीती रात 1 बजे से 3 बजे के बीच चोरी की एक शर्मनाक वारदात घटी। इस घटना ने वहां काम करने वाले कर्मचारियों में खौफ का माहौल पैदा कर दिया है। चोर नर्सरी के उस कमरे में घुसे जहां कर्मचारी रात के वक्त सो रहे थे। स्थानीय कर्मचारियों को शक है कि चोरों ने उन्हें नशीला पदार्थ सुंघाकर बेहोश किया होगा, जिससे वे चोरी के समय जाग न सके। इस संदिग्ध परिस्थिति में चोरों ने मोबाइल फोन, नकदी और अन्य कीमती सामान चोरी कर ले गए।
वारदात की पूरी जानकारी नर्सरी के एक कर्मचारी ने दी। उन्होंने बताया कि सभी कर्मचारी एक ही कमरे में सोते थे, जहां पहली बार ऐसा मामला सामने आया है कि चोर बिना किसी रुकावट के अंदर घुस गए। सुबह जब कर्मचारियों ने नर्सरी में काम शुरू किया तो अपने मोबाइल फोन, नगद और अन्य सामान की कमी का पता चला। यही से चोरी का खुलासा हुआ।
कर्मचारियों का मानना है कि उन्हें नशीला पदार्थ दिया गया होगा, क्योंकि वारदात के दौरान कोई आवाजाही या हलचल नहीं हुई, और वे गहरी नींद में ही रहे। हालांकि, पुलिस अभी इस बात की पुष्टि नहीं कर पाई है। पुलिस का कहना है कि इस तथ्य की जांच की जा रही है कि कर्मचारियों को किस प्रकार बेहोशी की स्थिति में रखा गया।
पुलिस ने घटना की सूचना पाकर तुरंत मौके पर पहुंचकर पूरी घटनास्थल का मुआयना किया। उन्होंने वहां मौजूद कर्मचारियों से पूछताछ की और मामले की गंभीरता को देखते हुए चोरी के संबंध में केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि चोरी के समय में दिल्ली रोड क्षेत्र तथा नर्सरी की आसपास की गतिविधियों की विस्तृत जांच की जा रही है। इस दौरान इलाके में लगे सभी सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है, जो चोरों की पहचान और गिरफ्तारी में मददगार हो सकती है।
अधिकारियों के अनुसार, अभी यह पता लगाने की कोशिश चल रही है कि चोर कितने लोग थे और क्या वे पहले से नर्सरी की दिनचर्या या संरचना से परिचित थे, जिससे उन्होंने चोरी को आसानी से अंजाम दिया।
इस घटना ने यासीन नर्सरी के कर्मचारियों में सुरक्षा के प्रति चिंता बढ़ा दी है और अब वे बेहतर सुरक्षा इंतजाम की मांग कर रहे हैं। साथ ही स्थानीय पुलिस क्षेत्रीय सुरक्षा बढ़ाने और इस तरह के मामलों को रोकने के लिए कदम उठा रही है।
फिलहाल इस वारदात की विस्तृत जांच जारी है और पुलिस जल्द ही चोरों को पकड़ने की पूरी कोशिश कर रही है ताकि ऐसी घटनाओं को भविष्य में टाला जा सके।




