रेवाड़ी। रेवाड़ी में रेलवे ट्रैक के पास मिली मानव हथेली के मामले में जीआरपी ने जांच के बाद स्थिति स्पष्ट कर दी है। खोरी और रेवाड़ी रेलवे स्टेशनों के बीच ट्रैक के किनारे मिली हथेली को लेकर पुलिस को शुरुआत में कई तरह की आशंकाएं थीं। जांच के दौरान सामने आया कि गुलाबी बाग क्षेत्र में रहने वाला करीब 30 वर्षीय रामेश्वर ट्रेन की चपेट में आकर घायल हुआ था।
हादसे में उसका हाथ कट गया था। घटना के बाद परिजन उसे इलाज के लिए जयपुर स्थित अस्पताल ले गए। मामले की जानकारी मिलने के बाद जीआरपी ने घायल युवक की पहचान की और घटना की परिस्थितियों की जांच शुरू कर दी।
घंटों रेलवे ट्रैक के आसपास चला तलाशी अभियान
जीआरपी को सूचना मिली थी कि खोरी और रेवाड़ी स्टेशनों के बीच रेलवे लाइन के पास एक मानव हथेली पड़ी हुई है। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और हथेली को अपने कब्जे में ले लिया। हथेली मिलने के बाद पुलिस के सामने सबसे बड़ी चुनौती यह पता लगाना था कि वह किस व्यक्ति की है और उसके साथ क्या हुआ। शुरुआती स्थिति में जीआरपी ने आशंका जताई कि मामला आत्महत्या या हत्या से जुड़ा हो सकता है। इसी वजह से पुलिस ने आसपास के इलाके में शव की तलाश शुरू कर दी। जीआरपी की टीम ने रेलवे लाइन के दोनों ओर झाड़ियों और गड्ढों सहित आसपास के स्थानों पर काफी देर तक तलाशी अभियान चलाया। हालांकि, मौके से कोई शव बरामद नहीं हुआ।
पूछताछ के बाद घायल युवक की हुई पहचान
हथेली को जीआरपी ने सिविल अस्पताल की मोर्चरी में सुरक्षित रखवाया और मामले की जानकारी जुटाने के लिए आसपास के लोगों से पूछताछ शुरू की। इसी दौरान पुलिस को गुलाबी बाग में रहने वाले करीब 30 वर्षीय रामेश्वर के बारे में जानकारी मिली। जांच में पता चला कि रामेश्वर शराब के नशे में रेलवे ट्रैक के आसपास था और इसी दौरान ट्रेन की चपेट में आने से उसका हाथ कट गया। घटना के बाद परिजन उसे उपचार के लिए जयपुर के अस्पताल ले गए थे। बाद में परिजनों ने फोन के माध्यम से जीआरपी को घटना की जानकारी दी। इससे पुलिस को रेलवे ट्रैक पर मिली हथेली की पहचान और घटना की कड़ी जोड़ने में सफलता मिली।
हादसा था या आत्महत्या का प्रयास, जांच जारी
जीआरपी के सामने अब यह पता लगाना बाकी है कि रामेश्वर किन परिस्थितियों में ट्रेन की चपेट में आया। पुलिस इस पहलू की भी जांच कर रही है कि घटना महज एक दुर्घटना थी या युवक ने जान देने की कोशिश की थी। जांच अधिकारी अनीता के अनुसार, घटना की वास्तविक परिस्थितियों का पता लगाने के लिए घायल रामेश्वर के बयान दर्ज किए जाएंगे। उसके बयान के बाद ही मामले में आगे की कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल घायल का जयपुर के अस्पताल में उपचार चल रहा है और जीआरपी मामले से जुड़े सभी पहलुओं की जांच कर रही है।


