कापड़ीवास में किराए के मकान में रह रहे एक कंपनी कर्मचारी युवक ने पत्नी के मायके जाने के बाद फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के बाद परिजनों को सौंप दिया। सुसाइड करने के कारणों का पता लगाया जा रहा है।
यूपी के शाहजहांपुर के बाबा नगर निवासी 28 वर्षीय विपिन एक कंपनी में हाल ही में नौकरी लगा था। वह अपनी पत्नी व दो बच्चों के साथ 15 दिन पहले कापड़ीवास आया था। पुलिस के अनुसार एक दिन पहले ही उसका पत्नी के साथ किसी बात को लेकर विवाद हो गया था। इसके बाद उसकी पत्नी एक बच्चे को साथ लेकर मायके राखी बांधने के लिए चली गई। घर में वह और उसका बेटा थे। उसने अपने कमरे में फांसी लगाकर जान दे दी। पता चलने के बाद पड़ोस में रहने वाले लोगों ने पुलिस को सूचित किया। पुलिस ने मौके पर जाकर शव कब्जे में ले लिया। सीन आॅफ क्राइम टीम को भी मौके पर बुलाया गया। पुलिस की सूचना पर मृतक के परिजन भी आ गए। पुलिस ने परिजनों की मौजूदगी में शव का पोस्टमार्टम करा दिया।
कड़ी मशक्कत के बाद मिला हथेली का वारिश, शराब के नशे में ट्रेन की चपेट में आया था हाथ
रेलवे ट्रैक पर हथेली मिलने का मामला, घायल जयपुर अस्पताल में दाखिल
रिंगस रेल मार्ग पर रेलवे स्टेशन से लगभग पांच किलोमीटर की दूरी पर गत मंगलवार को मिली हथेली की गुत्थी जीआरपी ने सुलझा ली है। शराब के नशे में ट्रेन की चपेट में आने से एक युवक की हथेली कटी थी, जिसे बाद में परिजनों ने जयपुर के एक अस्पताल में दाखिल करा दिया। युवक ट्रेन की चपेट में आया था या उसने सुसाइड का प्रयास किया था, इसकी जांच जीआरपी ने शुरू कर दी है।
जीआरपी को सूचना मिली थी कि खोरी और रेवाड़ी स्टेशनों के बीच रेलवे ट्रैक के पास एक हथेली पड़ी हुई है। सूचना मिलते ही जीआरपी ने मौके पर पहुंचकर हथेली को कब्जे में ले लिया। जीआरपी को इस बात की आश्ांका थी कि या तो किसी ने सुसाइड किया है या फिर हत्या के बाद शव लाइन पर फेंका गया है। इसी आशंका को देखते हुए जीआरपी ने शव की तलाश शुरू की थी। जीआरपी घंटों तक डेड बॉडी की तलाश में रेलवे लाइन के दोनों ओर झाड़ियों व गड्ढों की खाक छानती रही।
पूछताछ के बाद मिली सफलता
जीआरपी ने हथेली को सिविल अस्पताल की मोर्चरी में रखवा दिया था। इसके बाद पूछताछ शुरू की गई, तो पता चला कि गुलाबी बाग में रह रहा लगभग 30 वर्षीय रामेश्वर शराब के नशे में ट्रेन की चपेट में आ गया था, जिससे उसका हाथ कट गया। पता चलते ही परिजन उसे उपचार के लिए जयपुर अस्पताल ले गए। परिजनों ने ही फोन पर जीआरपी को इसकी सूचना दी। जांच अधिकारी अनीता ने बताया कि हाथ कटने के कारणों का पता लगाने के लिए घायल के बयान दर्ज किए जाएंगे। उसके बाद ही आगामी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।


