रोहतक स्थित दादा लख्मीचंद स्टेट यूनिवर्सिटी के विजुअल एंड आर्ट विभाग में दो दिवसीय हाईफा अवार्ड समारोह का आयोजन किया गया। इस समारोह का उद्देश्य हरियाणवी कलाकारों और फिल्मों को प्रोत्साहित करना है। समारोह में हरियाणा से जुड़े कई दिग्गज कलाकार और मुंबई से आए प्रसिद्ध अभिनेता यशपाल शर्मा शामिल हुए।
अभिनेता यशपाल शर्मा ने समारोह के दौरान कहा कि हरियाणवी फिल्म उद्योग को अब वह मान्यता मिलनी चाहिए जो इसकी प्रतिभा के अनुरूप हो। उन्होंने बताया कि फिल्में समाज का आईना होती हैं और हरियाणवी फिल्मों ने लंबे समय के संघर्ष के बाद आज अच्छे दिन देखे हैं। दर्शक भी चाहते हैं कि हरियाणवी फिल्मों में अच्छी पटकथाएं सामने आएं। इस लिहाज से हाईफा अवार्ड समारोह उभरते हुए कलाकारों और हरियाणवी फिल्मों के विकास में मददगार साबित हो सकता है।
यशपाल शर्मा ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) पर भी टिप्पणी की और कहा कि भले ही एआई इंसानी भावनाओं और प्रतिक्रियाओं की नकल कर सकता है, लेकिन वह असली मानव अभिनय की जगह कभी नहीं ले सकता। जीवंत कलाकार की भावनाओं और अभिव्यक्ति को एआई जितना भी उन्नत हो, वह पूरा नहीं कर सकता।
उन्होंने कलाकारों को दी जा रही धमकियों और विदेशों से मिल रही आतंकवादी धमकियों पर भी चिंता जताई। यशपाल शर्मा ने कहा कि यह शासन और प्रशासन की कमजोरी को दर्शाता है। जब विभिन्न सामाजिक मुद्दों पर आवाज उठती है, तो प्रशासन को कड़ी कार्रवाई करनी चाहिए ताकि ऐसी धमकियों को रोक जा सके।
हाल ही में उभरते हुए अभिनेता दिलेर खरकिया की गाड़ी पर फायरिंग हुई थी, इस पर भी उन्होंने चिंता प्रकट की। उन्होंने कहा कि दिलेर खरकिया एक सुंदर प्रतिभा हैं जो अपनी कला के माध्यम से प्रेम का संदेश दे रहे हैं, इसलिए हमें उन्हें प्रोत्साहित करना चाहिए, न कि हतोत्साहित।
यशपाल शर्मा ने लोगों से अपील की कि बदमाशी और हिंसा कभी बहादुरी की निशानी नहीं हो सकती। उन्होंने यूक्रेन और इजरायल में हुई हिंसात्मक घटनाओं का उदाहरण देते हुए कहा कि हिंसा केवल विनाश लाती है, जबकि प्रेम से जीवन सार्थक और सफल होता है।
यह समारोह हरियाणवी भाषा और संस्कृति को मजबूत करने तथा कलाकारों को एक मंच प्रदान करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है, जहां कलाकार अपनी प्रतिभा और विचारों को विकसित कर सकते हैं। ऐसे आयोजन हरियाणवी सिनेमा को एक नई दिशा देने में सहायक होंगे।





