रोहतक के किलोई गांव की बहू सुचिका ने एशियन गेम्स 2023 में 60 किलोग्राम मिक्स्ड मार्शल आर्ट प्रतिस्पर्धा में कांस्य पदक जीत कर न केवल अपने गांव, बल्कि पूरे प्रदेश का नाम रोशन किया है। सुचिका की इस उपलब्धि के बारे में जैसे ही उनके परिवार और गांव वालों को पता चला, खुशी की लहर दौड़ गई। परिजनों ने मिठाई खिलाकर, नाच-गाना कर इस ऐतिहासिक सफलता का जश्न मनाया।
परिवार के सदस्यों ने बताया कि सुचिका ने इस मुकाम तक पहुंचने के लिए अपार मेहनत के साथ कई तरह के त्याग भी किए। खेल में उनकी लगन इतनी गहरी थी कि उन्होंने अभ्यास और प्रतियोगिताओं को अपनी प्राथमिकता बना लिया। कई बार वह जरूरी पारिवारिक और सामाजिक आयोजनों में भी नहीं जा पाईं, क्योंकि उनका पूरा ध्यान खेल पर ही केंद्रित रहा।
परिवार के अनुसार, सुचिका ने व्यक्तिगत खुशियों और पारिवारिक कार्यक्रमों का कहीं अधिक बलिदान किया ताकि वे अपनी प्रतियोगिता के लिए पूरी तरह से तैयार रह सकें। उनकी कड़ी मेहनत का फल अब उन्हें एशियन गेम्स में प्राप्त कांस्य पदक के रूप में मिला है।
किलोई गांव के लोग भी सुचिका की इस सफलता को गर्व की बात मान रहे हैं। ग्रामीण कह रहे हैं कि गांव की यह बहू अंतरराष्ट्रीय मंच पर शानदार प्रदर्शन कर पूरे क्षेत्र का गौरव बढ़ा रही है। परिवार के लोग यह भी कह रहे हैं कि जब सुचिका गांव लौटींगी, तो उनका भव्य स्वागत होगा और उनकी इस बड़ी उपलब्धि का जश्न पुरे गांव के साथ मनाया जाएगा।
परिवार ने यह भी व्यक्त किया कि सुचिका की यह सफलता आने वाली पीढ़ी के लिए एक प्रेरणा है। वे आशा करते हैं कि भविष्य में भी सुचिका देश और प्रदेश के लिए इसी तरह पदक जीतती रहेंगी और युवा खिलाड़ियों के लिए मिसाल कायम करेंगी। इस कांस्य पदक ने सुचिका को न केवल एक सशक्त खिलाड़ी के रूप में स्थापित किया है, बल्कि उनके संघर्ष और समर्पण की कहानी भी सबके सामने लाई है।





