जींद: एंटी करप्शन ब्यूरो (एसीबी) की टीम ने जीएसटी विभाग के ईटीओ दिवेश साहू और चार्टर्ड अकाउंटेंट (सीए) अजय शर्मा को तीन लाख रुपये रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। यह रिश्वत 75 लाख रुपये के टैक्स चोरी के मामले को निपटाने के बदले में ली गई थी।
शिकायतकर्ता अमन, जो गांव ईगराह का निवासी है, ने एसीबी को बताया कि उसे जीएसटी विभाग द्वारा 75 लाख रुपये के टैक्स चोरी के आरोप में नोटिस जारी किया गया है। मामले को सुलझाने के लिए ईटीओ दिवेश साहू और सीए अजय शर्मा ने पांच लाख रुपये की रिश्वत मांगी।
शिकायत के बाद एसीबी निरीक्षक महेंद्र सिंह की अगुवाई में विशेष टीम गठित की गई, जिसमें सिंचाई विभाग के एसडीओ दीपांशु को राजपत्रित अधिकारी के रूप में शामिल किया गया। इस टीम ने अमन को तीन लाख रुपये की नकदी, जिनपर पाउडर और हस्ताक्षर किए गए थे, सौंपे।
एसीबी की कार्रवाई के दौरान, अमन ने भिवानी रोड पर स्थित सीए अजय शर्मा के कार्यालय में रिश्वत दिए जाने के तुरंत बाद टीम ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। तलाशी में कोरोना की गई नकदी बरामद हुई और सीए के हाथों का रंग लाल हो गया, जो रिश्वत देने के प्रमाण के तौर पर देखा गया।
पूछताछ में ईटीओ दिवेश साहू के साथ जुड़े होने की बात सामने आई। इसके बाद एसीबी की टीम ने लघु सचिवालय स्थित जीएसटी विभाग के ईटीओ कार्यालय में भी छापा मारा और दिवेश साहू को गिरफ्तार कर लिया।
एसीबी ने दोनों के खिलाफ भ्रष्टाचार निरोधक अधिनियम के तहत मामले दर्ज कर पूछताछ शुरू कर दी है। निरीक्षक महेंद्र सिंह ने पुष्टि की कि जांच जारी है और दोनों आरोपियों से पूछताछ की जा रही है।



