झज्जर जिले में एक सब-इंस्पेक्टर (ASI) को ₹1.50 लाख की रिश्वत लेते हुए विजिलेंस टीम ने गिरफ्तार किया है। आरोप है कि आरोपी ASI ने मामला दर्ज करने के बदले एक महिला से पारिवारिक सदस्यों के नाम - पत्नी, साली और ससुर - हटाने की मांग की। यह कार्यवाही विजिलेंस रोहतक के अधिकारियों द्वारा की गई, जिन्होंने आरोपित को जाल में फंसाकर गिरफ्तार किया।
इस मामले में विजिलेंस ने विशेष निगरानी रखी और जांच के दौरान आरोपी को रिश्वत लेते रंगे हाथ पकड़ा गया। बताया जा रहा है कि मामला एक महिला की शिकायत पर दर्ज किया गया था, जिसमें आरोपी ASI ने रिश्वत के बदले पारिवारिक सदस्यों को मामले से बाहर करने की शर्त रखी।
विजिलेंस अधिकारियों ने इस कार्रवाई को भ्रष्टाचार के खिलाफ एक सख्त कदम के रूप में देखा है। उन्होंने बताया कि इस गिरफ्तारी से क्षेत्र में भ्रष्टाचार और रिश्वतखोरी पर नकेल कसने में मदद मिलेगी। आरोपित ASI के खिलाफ विधिक कार्रवाई की प्रक्रिया चल रही है और उसे न्यायालय में पेश किया जाएगा।
झज्जर क्षेत्र में इस तरह की घटनाएं सामाजिक एवं प्रशासनिक दृष्टि से चिंता का विषय हैं, क्योंकि इससे आम जनता का पुलिस व्यवस्था पर से विश्वास कम होता है। विजिलेंस की इस कार्रवाई से उम्मीद है कि अन्य अधिकारियों में भी कानून-विरोधी गतिविधियों पर काबू पाने की भावना पैदा होगी।
स्थानीय प्रशासन ने भी इस मामले की गंभीरता को स्वीकारते हुए कहा है कि भ्रष्टाचार में लिप्त किसी भी अधिकारी को बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने नागरिकों से अपील की है कि किसी भी अनियमितता की जानकारी तुरंत संबंधित अधिकारियों या विजिलेंस को दें ताकि ऐसी घटनाओं की रोकथाम की जा सके।





