रोहतक में सफाई कर्मचारियों और सरकार के बीच टकराव लगातार बढ़ रहा है। सफाई कर्मचारी अपनी मांगों को लेकर कई दिनों से हड़ताल पर हैं और उन्होंने इस हड़ताल को 13 सितंबर तक बढ़ाने का ऐलान किया है। कर्मचारियों का कहना है कि अब वे सरकार के साथ आर-पार की लड़ाई लड़ेंगे और किसी भी दबाव या कार्रवाई से घबराएंगे नहीं। वे सरकार से कच्चे कर्मचारियों को स्थायी करने की मांग कर रहे हैं, लेकिन सरकार ने अभी तक इस संबंध में कोई आधिकारिक पत्र जारी नहीं किया है, जिससे कर्मचारियों में नाराजगी बनी हुई है।
इस आंदोलन को समर्थन देने के लिए कांग्रेस के दो विधायक, बीबी बत्रा और शकुंतला खटक, धरना स्थल पर पहुंचे। उन्होंने सरकार पर सफाई कर्मचारियों के साथ वायदा खिलाफी और अन्याय करने के आरोप लगाए। बीबी बत्रा ने कहा कि कांग्रेस सफाई कर्मचारियों के साथ अन्याय नहीं होने देगी, और कर्मचारियों की मांगें जायज हैं। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि जब सरकार कर्मचारियों को नौकरी की सुरक्षा देने की बात करती है, तब वे उन्हें स्थायी क्यों नहीं कर रही। बीबी बत्रा ने कहा कि 2014 में कांग्रेस सरकार ने पॉलिसी बनाकर कच्चे कर्मचारियों को स्थायी किया था।
कलानौर से विधायक शकुंतला खटक ने कहा कि सरकार केवल झूठे आश्वासन दे रही है और अगर कहीं मांगें पूरी की गई हैं तो सरकार को उसका आधिकारिक पत्र दिखाना चाहिए। उन्होंने कहा कि केवल आश्वासन देने की बजाय सरकार को कैबिनेट से मंजूरी लेकर कर्मचारियों को स्थायी करने के लिए लिखित पत्र जारी करना चाहिए।
कांग्रेस नेताओं ने यह भी कहा कि विधानसभा में सफाई कर्मचारियों की आवाज उठाई गई है और काम रोकने का प्रस्ताव भी लाया गया है। उन्होंने यह भी दावा किया कि सत्ता में आने पर सबसे पहली पहल सफाई कर्मचारियों को स्थायी करने की होगी। वहीं, आंदोलन के दौरान कर्मचारियों के साथ हुई कथित मारपीट पर कांग्रेस ने विरोध जताया है।
इस हड़ताल के बढ़ने से सरकार और सफाई कर्मचारियों के बीच गतिरोध और गहरा गया है और दोनों पक्ष अभी तक किसी समाधान पर पहुँच पाए नहीं हैं।
कर्मचारियों के नेता राकेश चावंडिया ने भी सरकार से कच्चे कर्मचारियों को पक्का करने की मांग की है। फायर कर्मचारी सोनू हुड्डा ने भी इस आंदोलन का समर्थन किया है। इस पूरे संकट के दौरान सफाई कर्मचारियों ने स्पष्ट कर दिया है कि वे अपनी मांगों को लेकर कोई समझौता नहीं करेंगे और 13 सितंबर तक अपना आंदोलन जारी रखेंगे।




