हरियाणा के रोहतक शहर में 37 दिन तक चली सफाई कर्मचारियों की हड़ताल समाप्त हो गई है। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के साथ हुई बैठक में सरकार और कर्मचारी संगठनों के बीच 16 मांगों पर सहमति बनने के बाद यह फैसला लिया गया। हड़ताल के कारण पूरे प्रदेश में सफाई व्यवस्था चरमरा गई थी और कूड़े के ढेर जगह-जगह लग गए थे, जिससे आम लोगों को भारी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा था।
हड़ताल के बाद सफाई कर्मचारी अब अपने काम पर लौट आए हैं और शहर की सफाई फिर से शुरू हो गई है। फिलहाल सबसे बड़ी चुनौती जमा हुए कूड़े को हटाना बनी हुई है। शहर को पूरी तरह स्वच्छ बनाने में कुछ दिनों का समय लग सकता है। अभी सफाई कर्मचारी बड़े कूड़ा प्वाइंट, बाजारों और मुख्य सड़कों की सफाई में लगे हुए हैं। इसके साथ ही शहर वासियों ने भी हड़ताल खत्म होने पर राहत की सांस ली है और उम्मीद जताई है कि जल्द ही शहर फिर से स्वच्छ एवं सुंदर नजर आएगा।
सरकार ने कर्मचारियों की कई महत्वपूर्ण मांगें मान ली हैं, जिनमें खाली पदों पर भर्ती, न्यूनतम वेतन निश्चित करना, जोखिम भत्ता, कैशलेस मेडिकल बीमा, वर्दी भत्ता तथा ड्यूटी के दौरान मौत के मामले में आश्रित को नौकरी प्रदान करने जैसी 16 मांगें शामिल हैं। इन मांगों के मान लिए जाने के कारण ही इस लंबी हड़ताल को समाप्त किया गया और कर्मचारियों ने काम पर वापसी का निर्णय लिया।
इससे पहले हड़ताल के दौरान रोहतक सहित प्रदेश के विभिन्न हिस्सों में सफाई व्यवस्था ठप होने की वजह से भारी गंदगी फैल गई थी। कूड़ा-करकट जमा होने से न सिर्फ सार्वजनिक स्थान खराब दिख रहे थे, बल्कि इससे स्वास्थ्य संबंधी अनेक समस्याएं भी उत्पन्न हो रही थीं। अब सफाई कर्मचारियों के काम पर लौटने के साथ ही उम्मीद है कि जल्द ही शहर की साफ-सफाई पूरी तरह बहाल हो जाएगी और सामाजिक स्वास्थ्य पर भी सकारात्मक असर पड़ेगा।





